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जी हाँ! मैं कातिलहूँ .... जी हाँ! मैं कातिलहूँ ....

बेरहमी से क़त्ल किसी और ने किया पर मेरी हथेलियों में खून के दाग होते हैं आत्मा कराहती है उड़ने का मनोबल क्षीण होता है ... रश्मि प्...

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10:07 AM
 
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