कुछ एहसास: "कोई"...( इंतज़ार, पतझर और इश्क)
वह लड़की ... इश्क सा ख्याल करती रही इंतज़ार पतझड़ का .... रश्मि प्रभा =====================================================...
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कुछ एहसास: "कोई"...( इंतज़ार, पतझर और इश्क)
वह लड़की ... इश्क सा ख्याल करती रही इंतज़ार पतझड़ का .... रश्मि प्रभा =====================================================...
मेरे शहर में
शाम खो गई रातें चलने लगीं मदहोश सड़कों पर दिनचर्या के मायने ही बदल गए ... रश्मि प्रभा ===============================...
बहुत दिन हुए !
दुनिया की भागमभाग,बदलते परिवेश अजनबी रास्ते और चेहरे .... कुछ भूल गए कुछ याद रहा रश्मि प्रभा =========================...