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कुछ एहसास: "कोई"...( इंतज़ार, पतझर और इश्क) कुछ एहसास: "कोई"...( इंतज़ार, पतझर और इश्क)

वह लड़की ... इश्क सा ख्याल  करती रही इंतज़ार पतझड़ का ....   रश्मि प्रभा  =====================================================...

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5:05 PM

मेरे शहर में मेरे शहर में

शाम खो गई  रातें चलने लगीं मदहोश सड़कों पर  दिनचर्या के मायने ही बदल गए ... रश्मि प्रभा  ===============================...

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12:39 PM

बहुत दिन हुए ! बहुत दिन हुए !

दुनिया की भागमभाग,बदलते परिवेश  अजनबी रास्ते और चेहरे .... कुछ भूल गए कुछ याद रहा  रश्मि प्रभा  =========================...

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9:47 AM
 
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