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तुम..... तुम.....

खोल दिए हैं मैंने सब दरवाज़े जाना चाहते हो तो जाओ सांकल चढ़ा तुम्हें रोकूँ और ...... जाना चाहते हो न जाओ .... रश्मि प्रभा ========...

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11:00 AM
 
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