मैं कौन हूँ? - खुली किताब
खुली किताब और मैं .... एक ग़ज़ल , एक गीत एक शाम , एक उदासी प्रकृति की ओट से उगता सूरज ... अनगिनत परिभाषाओं के शब्दों में लिपटी मैं ... ...
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मैं कौन हूँ? - खुली किताब
खुली किताब और मैं .... एक ग़ज़ल , एक गीत एक शाम , एक उदासी प्रकृति की ओट से उगता सूरज ... अनगिनत परिभाषाओं के शब्दों में लिपटी मैं ... ...
न लोहा बन सके सोना
गर खुद को संवार लिया हमने समझो ज़िन्दगी तराश लिया हमने रश्मि प्रभा ============================================================...