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डांटता है मकान मालिक ! डांटता है मकान मालिक !

मैने जिस घर में आश्रय पाया उसे अपना समझ लिया  किराया कोई और देता, मजा मैं लेता मैला मैं करता रंग-रोगन कोई और कराता चोट मैं प...

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3:33 PM

आभासी दुनियाँ आभासी दुनियाँ

भूलभुलैया में उलझकर सच्चे मोती नहीं मिलते आशंकाओं में ज़िन्दगी के हल नहीं मिलते संभावनाओं के आकाश में शक के बादल आखिर क्यूँ ! एक दिन तो च...

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11:00 AM
 
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