Showing posts with label पूजा उपाध्याय. Show all posts
Showing posts with label पूजा उपाध्याय. Show all posts

ठहरा हुआ सा कुछ ठहरा हुआ सा कुछ

प्रेम को समझना आसान नहीं इसमें लहरें आती हैं जाती हैं - हर आवेग किनारों को छूना चाहती हैं ये किनारों का मोह ! यदि किनारा जान ले टु...

Read more »
11:42 AM
 
Top