एक और दिन डूबता हुआ सा ..........!
दिन डूबते जाते हैं यादों के गिरह बढ़ते जाते हैं तुम और तुम्हारी बातें भीगे चेहरे पर टिक गए हैं .... रश्मि प्रभा =================...
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एक और दिन डूबता हुआ सा ..........!
दिन डूबते जाते हैं यादों के गिरह बढ़ते जाते हैं तुम और तुम्हारी बातें भीगे चेहरे पर टिक गए हैं .... रश्मि प्रभा =================...
" उर्जामय जिन्दगी "
ब्लॉग की दुनिया में चलते चलते कई नाम कई चेहरे अपने हो गए हैं .... नए क़दमों का आना भी जारी है . कम उम्र के नए कदम तो बहुत कुछ जानते हैं , पर...
लम्हों का सफर
सफ़र जब शुरू होता है सूरज अपनी मुट्ठी में होता है जब हथेलियाँ पसीजने लगती हैं तब कई एहसास साथ हो लेते हैं .... रश्मि प्रभा =======...