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कुछ हाइकु अवधी भाषा में : रवीन्द्र प्रभात कुछ हाइकु अवधी भाषा में : रवीन्द्र प्रभात

(एक) आंख क पानी राजनीति म जात मरि जात है। (दो) का कहै यार ओरहन सुनके दुखै कपार। (तीन) फुटै करम देस मा बोवै धान रोबैं किसान। ...

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3:20 PM

हाइगा कार्यशाला में रचनाकारों ने बिखेरे प्रकृति के रंग हाइगा कार्यशाला में रचनाकारों ने बिखेरे प्रकृति के रंग

भारत ऋतुओं का देश है, जहां प्रकृति का वैविध्यपूर्ण सौंदर्य बिखरा पड़ा है। यही कारण है, कि फूलों का देश जापान को छोड़कर आने की दु: खद ...

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9:24 AM
 
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