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हाइगा कार्यशाला में रचनाकारों ने बिखेरे प्रकृति के रंग हाइगा कार्यशाला में रचनाकारों ने बिखेरे प्रकृति के रंग

भारत ऋतुओं का देश है, जहां प्रकृति का वैविध्यपूर्ण सौंदर्य बिखरा पड़ा है। यही कारण है, कि फूलों का देश जापान को छोड़कर आने की दु: खद ...

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9:24 AM

स्त्री – एक अपरिचिता स्त्री – एक अपरिचिता

प्रश्न यह गंभीर नहीं कि रिश्तों में दरार कैसे आई, प्रश्न यह महत्वपूर्ण है कि जिन रिश्तों में मिठास नहीं थी वे साथ चले कैसे !सपने और हकीकत के...

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11:00 AM

मेरा शून्य... मेरा शून्य...

सपनोंवाली आँखों में कैक्टस चुभते हैं , मचलते पैर सच से लहुलुहान हो जाते हैं भरी हथेलियाँ खाली हो जाती हैं , हँसते चेहरे पर आंसू ही आंसू होते...

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11:00 AM
 
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