तेरा जीना बेकार !! तेरा जीना बेकार !!

यौवन तुझे आज फिर ललकार !! तेरा जीना बेकार !! फैला है अनियमिता का अन्धकार लूट खसोट का व्यापार खुली आँखो के धृतराष्टों के ...

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11:35 AM

बीनू भटनागर की दो कविताएँ बीनू भटनागर की दो कविताएँ

           ज़िन्दगी ज़िन्दगी तुझे क्या नाम दूँ। जानी पहचानी है तू फिर भी अन्जान है तू। आज शिशु है उगता सूरज है। कल यौवन की ...

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9:48 AM

जो दिल को सुकून दे वो पल है कहाँ ! जो दिल को सुकून दे वो पल है कहाँ !

                          चित्र : गूगल से साभार ४० साल पहले जिस खिड़की के सामने बैठकर सुकून मिला करता था आज जब उस खिड़की के सामने बैठी...

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10:56 AM

सत्येन्द्र गुप्ता की दो गज़लें सत्येन्द्र गुप्ता की दो गज़लें

(एक) मेरे बाद मुझको ये ज़माना ढूंढेगा हकीकत को एक अफ़साना ढूंढेगा। सिर्फ यादों में सिमट जायेगा सफ़र अश्क भी बहने का बहाना ढूंढ...

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1:34 PM
 
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