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फितरत फितरत

मासूमियत और बहेलिया बच्चे और चिड़ा के लिए चिड़िया की प्यार भरी सोच न चिड़िया रही न बच्चे न चिड़ा - !!! रश्मि प्रभा ==============...

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10:11 AM

स्वीकार करो स्वीकार करो

अनुभवों की चाभी अपनी होती है आगत के लिए ख़ास होती है ... रश्मि प्रभा ===============================================...

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11:36 AM

बचपन बचपन

जैसे पहाड़ों से जमे बर्फ पिघलें उसी तरह मेरे अनुभव दरकते हैं जब तक तुम्हें हम याद आयेंगे नए बर्फ गिरने लगेंगे ............. रश्मि प्रभा...

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11:00 AM

आखिरी बात अभी कही नहीं है आखिरी बात अभी कही नहीं है

रह भी गई जो आखिरी बात सूरज को निकलने से कौन रोक सकता है ! रश्मि प्रभा ==============================================================...

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11:00 AM

मुक्त मुक्त

कॉमा ब्रैकेट स्पेस ... फुलस्टॉप हुबहू नक़ल की रणनीति से प्रतिस्पर्धा की आँच पर पानी के छींटे दिए जा सकते हैं पर खुद को सही नहीं बनाया जा सकत...

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11:17 AM

परिक्रमा पूरी हुई परिक्रमा पूरी हुई

खो देने का भय जब प्रबल होता हैतो सागर नाले की शक्ल में जीना चाहता है... पर उसकी उद्दात लहरें उसका स्वाभिमान होती हैं जो किनारे से आगे जाकर अ...

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11:00 AM

..... अब मैं चला ..... अब मैं चला

लो यह साल भी गया ... अब फिर है एक नया साल नए संकल्प नई संभावनाएं नए मौके ! यह साल गया इसे जाना ही था पर जब तक यह रहा तुम्हें तुम्हारे संकल्प...

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11:00 AM

मेरी तलाश मेरी जिजीविषा मेरी तलाश मेरी जिजीविषा

कहाँ भटकते रहे मन? तुम्हारे सारे अर्थ तो तुम्हारे ही भीतर थे, जो "कस्तूरी" की तरह, तुम्हारे रोम-रोम में सुवासित थे, तुम्हारी आँखों...

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11:00 AM

पानी का कैनवस पानी का कैनवस

ईश्वर ने सत्य का स्वरुप हर बार दिखाया है तो फिर उलझन कैसी ? रश्मि प्रभा ================================================================ पान...

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11:00 AM

कहाँ हूँ मैं ! कहाँ हूँ मैं !

ईश्वर ने बनाया था तुम्हें आकाश तुमने स्वयं को सीढ़ी में परिवर्तित किया तुम्हें लगा लोग सीढ़ी चढ़कर उस आकाश पर पहुंचेंगे जो तुम बने थे ...!!!...

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11:00 AM

भ्रम ... भ्रम ...

कहाँ होता है कोई भ्रम ? टूटता जाता है जब आदमी तो आँखों पर भ्रम की परतें खुद चढ़ा लेता है कभी ये रिश्ता कभी वो रिश्ता टूटने की भी हद होती है ...

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11:00 AM
 
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