मैं खुद से बातें करता हूँ !
खुद से बातें न करो उठापटक ना करो तो मन के कई कमरे बन्द रह जाएँ प्रश्न मुंह बाए कोने में पड़ा रह जाए ...... खुद को खुद से ही राह मिलती ...
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मैं खुद से बातें करता हूँ !
खुद से बातें न करो उठापटक ना करो तो मन के कई कमरे बन्द रह जाएँ प्रश्न मुंह बाए कोने में पड़ा रह जाए ...... खुद को खुद से ही राह मिलती ...
प्रेम-हाइकु
पावन शब्द अवर्णनीय प्रेम सदा रहेंगे। सहेजते हैं सपने नाजुक से टूट न जाएं। जीवंत रहे राधा-कृष्ण का प्रेम अलौकिक सा। फिल्मी स...
तुम्हारे नाम / मेरे नाम
तुम्हारे नाम / मेरे नाम समंदर आमने सामने होता तो लहरों की बातें कुछ इस तरह होतीं एक कहती एक सुनती व्यथा एक सी होती .... रश्मि प्रभा ...
टुकड़े- टुकड़े में बंटी मैं
रिश्ते थे या कर्तव्यों की हिदायतें विभक्त सी मैं - खुद को भी अब ना पहचानूँ ! रश्मि प्रभा =============================================...
रंग बिरंगी चिड़िया एक दिन बोली मुझसे
चिड़िया की उड़ान उसकी मीठी आवाज़ उसके रंग सबको दिखते हैं पर उसकी भी अपनी व्यथा है - रश्मि प्रभा ===================================...
एक छोटी सी - लव स्टोरी
प्यार - दुश्मन को हो जाए तो बली का बकरा ऐतबार कैसे करे ! रश्मि प्रभा =================================================================...
वे ठिठके पल...
हाथों में लम्हों की भरमार है फिर कौन से चौकलेटी लम्हें पीछे से आवाज़ दे रहे ... रश्मि प्रभा ==========================================...
कबिरा कर जूता गह्यो ...
कर विच जूता रखो सभी अर्ज करे कवि पद्म जित देखा तित पीटिया भ्रष्टाचारी और छद्म ... रश्मि प्रभा ======================================...
माँ ज़िन्दा रहेगी
माँ को कोई मरने नहीं देना चाहता उसकी साँसों से वेद ऋचाएं निकलती हैं उसकी उम्र से परे उसकी दुआओं में पौधे बरगद बनते जाते हैं ... एक टहनी स...
आवश्यक सूचना
तकनीकी समस्या के कारण अगले दो-तीन दिनों तक परिकल्पना और वटवृक्ष का प्रकाशन अवरुद्ध रहेगा ! असुविधा के लिए हमें खेद है !