भूतपूर्व पत्नी की शादी का निमन्त्रण
व्यवस्थित सोच सुनामियों के दौर दिखाती है सर से गुजर जाये जब पानी तो फिक्र को लम्बी सांस ले फूंक देना ही वाजिब है .... ...
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भूतपूर्व पत्नी की शादी का निमन्त्रण
व्यवस्थित सोच सुनामियों के दौर दिखाती है सर से गुजर जाये जब पानी तो फिक्र को लम्बी सांस ले फूंक देना ही वाजिब है .... ...
बदला लेने के इरादे से….
गलत का निर्णय ? कहना और करना - दो किनारे हैं ... रश्मि प्रभा ===============================================...
"मन दर्पण": "नाटक-नींद और मेरा रोज़"
करवटों की अनकही बातें होती हैं अनकहे लम्हों से अपनों से .......... सुबह तक नींद के इंतज़ार में ... रश्मि प्रभा ====...
परवाज़.....: "मैंने कहा था"
वह कौन है जो पहचान को गुम कर कुछ कहती है सुनकर भी कौन सुनेगा भला ... रश्मि प्रभा ====================================...
हवाओं की अलगनी
हवाओं की अलगनी झूलते सवाल भीगे भीगे से हैं .... जवाब हो तो सूखें न रश्मि प्रभा ===================================...
मोबाइल
माँ कहीं रहूँ,कुछ भी कह जाऊं मुझे तुम्हारी ज़रूरत है .... रश्मि प्रभा ===============================================...
तीखी कलम से: हिंदी की व्यथाएं
हिंदी की व्यथा धुंआधार अंग्रेजी की गिटपिट धुंध में अपने बच्चों की ऊँगली थाम चल रही है भारत के गौरव से गौरवान्वित भारतीय हिंदी ...
जीवन का अर्थ
ज़िन्दगी - जाने कितनी परिभाषाओं से बंधी है या यूँ कहो उड़ रही है या साँसें लेने की कोशिश में अपना वजूद ढूंढ रही है ... ...
भाव-कलश: क्यूंकि मैं एक स्त्री हूँ ....... गीता पंडित
'तांडव' क्रोध का ही नहीं होता शांत, सुकून भरे चेहरे का भी होता है आँखों से बरसते प्रेम का भी होता है बिना किसी शस्त्र के बिन...
मोहब्बत क्या है?
मुहब्बत ..... कहाँ मिलते हैं शब्द जो बता सकूँ कि बता सकूँ घड़ी की टिक टिक चलती सुई पूरी की पूरी मुहब्बत हो जाती है ........ ...
आगाज परिकल्पना उत्सव का ....
इस एतिहासिक क्षण को अपने आलिंगन मे आबद्ध कर लेने को आतुर है समय क्योंकि- हो गया है आगाज परिकल्पना उत्सव का परिकल्पना पर आज से ...