अरुणा शानबाग के लिये अरुणा शानबाग के लिये

कई चेहरे घुटे हुए मौत से पहले मृत नज़र आते हैं तुम आंसू न बहाओ श्रद्धांजली न दो पर बेबस ज़िन्दगी को जीने का दंड न दो ... रश्मि प्रभा ...

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11:00 AM

आखिरी बात अभी कही नहीं है आखिरी बात अभी कही नहीं है

रह भी गई जो आखिरी बात सूरज को निकलने से कौन रोक सकता है ! रश्मि प्रभा ==============================================================...

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11:00 AM

राह बनाने की धुन राह बनाने की धुन

आज भी राह बनाने की धुन है ऊँचे रास्ते फिसलन भरे अभी भी हैं गिरती हूँ , चढ़ती हूँ साँसें उखड़ने लगी हैं पर आकाश मेरी मुट्ठी में होगा यह विश्व...

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11:00 AM

लघुकथा लघुकथा

कुछ शब्द छोटी सी कहानी और बड़े अर्थ ... सीखने के लिए बहुत है रश्मि प्रभा  =======================================================...

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11:00 AM

मां बताओ न .... ? मां बताओ न .... ?

तुम तो माँ हो मैं ही नहीं पूरी प्रकृति तुम्हारे आँचल में है माँ इस आँचल से कुछ भाव मुझे भी दो न मुझे भी बनना है - बिल्कुल तुम्हारी तरह .....

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11:00 AM

साक्षात्कार साक्षात्कार

शिखा वार्ष्णेय की कलम में संगीता स्वरुप तेरे आकाश में कहीं छिपा है मेरे आकाश का एक नन्हा सा टुकड़ा अपने ख़्वाबों और ख्यालों को पतंग बना...

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11:00 AM

आत्मदाह आत्मदाह

भूमिका तो वे बनाते हैं जिन्हें ज़मीन खींचनी होती है जिनकी ज़मीन है उनके लिए भूमिका कैसी ! मुझे जीना है ... मरने से पहले, बस कुछ अपन...

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11:00 AM

सत्यवान वर्मा सौरभ की लघुकथाएँ सत्यवान वर्मा सौरभ की लघुकथाएँ

देखन में छोटन लगे घाव करे गंभीर .... पर सवाल ये है कि इस गंभीरता से हम खुद में क्या बदलाव लायेंगे ! रश्मि प्रभा =================...

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11:00 AM
 
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