देखिए जी, कब चुकेगा
ज़िन्दगी ही क़र्ज़ है सबको ही चुकाना है जब तक है साँसें चुकाते ही जाना है रश्मि प्रभा ==============================================...
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देखिए जी, कब चुकेगा
ज़िन्दगी ही क़र्ज़ है सबको ही चुकाना है जब तक है साँसें चुकाते ही जाना है रश्मि प्रभा ==============================================...
वह तोड़ता पत्थर
जाने कितनी जिन्दगानियां निरंतर पत्थरों संग कुछ बनने की उम्मीदें लिए टूटती जाती हैं रश्मि प्रभा =============================================...
आओ कुछ और करें ..
अच्छा लगता है जब कोई यूँ सोचता है बहुत गौर से देखो तो परिवर्तन भी नज़र आता है पर देखते देखते पढ़ी लिखी महिला भी खुद के चक्रव्यूह में घिरी न...
ज़िन्दगी का बहीखाता !
कुछ भी पहले सा नहीं रहा अब तो इंतज़ार को भी नींद आने लगी रश्मि प्रभा ========================================================== ज़...
आज क्यूँ सोच रहे ?
दिशाओं ने पुकारा था आत्मा ने झकझोरा था इंसानियत ने कंधे पे आंसू बहाए थे तुम जाने किस धुन में रहे सुबह से जाने कितनी शाम हुई सारे दृश्य ब...
प्यार और स्वास्थ्य
' प्यार' सुनते ही पूरा शरीर प्यार में तब्दील हो जाता है जब तक कुछ समझो सलीब पे होता है मन यह कहता हुआ 'प्...
सागर से सागर तक
प्रकृति अपने हर माध्यम से विस्तार लेती है सागर से सागर तक शाश्वत क्रम में लहरों के गीत सुनाती है रश्मि प्रभा =========================...
बंद मुट्ठी में ये ताकत कैसी...
बन्द मुट्ठी में कई अल्फाज़ होते हैं वक़्त आने पे वे आगाज़ होते हैं ... रश्मि प्रभा ===============================================...