सपने सपने

सपनों के अनंत विस्तार में कुछ अपना होता है आगत की होती हैं कुछ आहटें कुछ मनचाहा होता है वक़्त के साथ जो कहो सपने हैं तो ही हकीकत है ........

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11:15 AM

जाने हवाओं  का तेरे तस्सवुर से रिश्ता क्या हैं जाने हवाओं का तेरे तस्सवुर से रिश्ता क्या हैं

कुछ तो है बात जो हवाएँ तेरे संग संग चलती हैं जैसे तू इठलाती है वो भी इठलाती है तुझको छूकर वो चन्दन सी महक जाती है कुछ तो रिश्ता है तेरा ...

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10:14 AM

प्रतिध्वनि प्रतिध्वनि

मन तो मन है अपने ही सपनों ख्वाहिशों के बीच साँसों से दूर होने लगता है फिर अपने ही भीतर से निकल ढूंढता है कुछ अपना कुछ धरती कुछ आकाश .... ...

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10:08 AM

ईश्वर ईश्वर

ईश्वर - एक शक्ति बिना उसके कुछ भी नहीं ... रश्मि प्रभा =============================================================== ईश्वर आज मै...

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11:02 AM

कविता और बाज़ार कविता और बाज़ार

कविता यानि एहसास एहसासों से पेट नहीं भरता और बाज़ार में एहसास नहीं पनपते रश्मि प्रभा =============================================...

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11:02 AM

"कैक्टस के फूल" "कैक्टस के फूल"

कैक्टस की नियति कहो या उसकी भूमिका कहो कि वह काँटों से बना है प्रतीक के रूप में खड़ा है .... रश्मि प्रभा ===========================...

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10:30 AM

चाय की प्याली में....बारिश की बूँदें चाय की प्याली में....बारिश की बूँदें

रिमझिम बारिश कुछ सोंधी खुशबू गर्म चाय की प्याली से उठता सिहरता धुंआ और एक बूंद बारिश का गले लगना अब तो बस यादों के बादल हैं हर तरफ और गुफ...

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10:33 AM

लम्हों का सफर लम्हों का सफर

सफ़र जब शुरू होता है सूरज अपनी मुट्ठी में होता है जब हथेलियाँ पसीजने लगती हैं तब कई एहसास साथ हो लेते हैं .... रश्मि प्रभा =======...

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11:58 AM

मोहभंग.... मोहभंग....

ज़िन्दगी के संकरे रास्तों पर यथार्थ के कंकड़ इतने नुकीले होते हैं कि मायूस एहसास हाथ से छूटने लगते हैं .... रश्मि प्रभा ==========...

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11:00 AM

औचित्य औचित्य

मिट्टी के तन में चेतना की वर्तिका बन मैं अहर्निश जलती हुई ढूंढती रही अपना अस्तित्व .... बाहर बाहर पर मेरी निष्ठा , मेरे दायरे , मेरा ममत...

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10:08 AM

प्रेम से लदा हुआ है वटवृक्ष प्रेम से लदा हुआ है वटवृक्ष

वटवृक्ष हिंदी जगत की एकमात्र पत्रिका  जो चिट्ठाकारिता को साहित्य से जोड़ती है  दृढ़ता के साथ मिथक को तोड़ती है और- चटखती हुई आस्थाओं के बी...

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11:08 AM

एकला चलो तो एकला चलो तो

पाँव बढ़ाने की देर है अकेले नहीं रहोगे हिम्मत लाने की देर है अकेले नहीं रहोगे .... रश्मि प्रभा ==================================...

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11:06 AM
 
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