यकीनन ....... यकीनन .......

अक्सर मरे हुओं को पाने के लिए तुम खुदा को बुत बना देते हो फिर उसके होने का प्रमाण मांगते हो सोचो ....क्या तुम हो ? रश्मि प्रभा ===...

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10:29 AM

ज़रूरी ! ........... ज़रूरी ! ...........

ज़रूरी ! ........... दो दिशाएँ - एक ने कहा - मैंने हमेशा तुम तक आना चाहा पर लगा - ये मुमकिन नहीं तो तुमको छूकर आती हवाओं में मैं जीने लगी...

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10:27 AM

गज़ल गज़ल

उदासी कैसी ? ख्यालों की किरचें जीने का सबब बनती हैं जितना गहरा घाव होता है उतनी ही शिद्दत से सुबह होती है .... रश्मि प्रभा ========...

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11:00 AM

वर्ल्ड कप वर्ल्ड कप

वो मारा ...' और धड़कते दिल चिल्लाने लगे हम जीत गए हम जीत गए युवराज, हरभजन की छलकती आँखें खिलाडियों के प्रदीप्त चेहरे लगा अपने भारत को...

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11:13 AM

कविता : धरा, आकाश और वायु कविता : धरा, आकाश और वायु

नामों की गुत्थियों में उलझा मन और तुम तुम खुद में एक पहचान हो  हर नाम से परे ............. रश्मि प्रभा ==============================...

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11:00 AM

बड़ी बेशरम हैं ! बड़ी बेशरम हैं !

यादों के बर्फीले फाहे और मैं .... सिहरती जा रही हूँ यादों की अंगीठी सुलगा ली है .... गर्म शॉल भी डाल लिया है उँगलियों में फंसी यादें बड़ी...

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11:00 AM

Fauji Life...An intresting Tale/  फौजी जीवन Fauji Life...An intresting Tale/ फौजी जीवन

Fauji Life...An intresting Tale Have You Ever been cooped Up In a lonely bunker at an isolated post among the mountains In the wildern...

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11:00 AM

आभासी दुनियाँ आभासी दुनियाँ

भूलभुलैया में उलझकर सच्चे मोती नहीं मिलते आशंकाओं में ज़िन्दगी के हल नहीं मिलते संभावनाओं के आकाश में शक के बादल आखिर क्यूँ ! एक दिन तो च...

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11:00 AM

उडा्न हूं मैं उडा्न हूं मैं

किसी उड़ान की कोई भाषा नहीं होती होता है विस्तृत आकाश और ओस ओस ज़िन्दगी किसी देवदार की तरह रश्मि प्रभा =========================...

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11:00 AM

एक थी अच्छाई और एक थी बुराई एक थी अच्छाई और एक थी बुराई

========================================= एक थी अच्छाई और एक थी बुराई ========================================= आओ बच्चों आज तुम्हें एक...

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11:00 AM

बचपन बचपन

जैसे पहाड़ों से जमे बर्फ पिघलें उसी तरह मेरे अनुभव दरकते हैं जब तक तुम्हें हम याद आयेंगे नए बर्फ गिरने लगेंगे ............. रश्मि प्रभा...

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11:00 AM

माँ ! माँ !

माँ को वृद्धाश्रम में रख तू कितना न्यायी है बेटा माली ही बदमाश है , तू तो सर का ताज है , क्योंकि पगली माँ को विश्वास है कि तू आएगा रश्मि...

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11:00 AM
 
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