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आज यूँ ही एक ख्याल
गुजरा मेरे रास्ते से,
शायद क्यूंकि
तुम मेरे साथ नहीं आज!

ख्याल ने झाँका मेरे अंतर्मन में
पढ़ा मेरी बेचैनी को
और सोचा
क्या यह मुमकिन है
कि छूकर किसी याद को
ऐसा लगे कि जैसे मैंने छुआ हो तुम्हें ?

जब तुम्हारी कमी खलने लगती है
दुनिया अजीब सी लगती है मुझे
शायद क्यूंकि हर शख्स में तुम ही नजर आते हो
हर आवाज में तुम्हारी ही खनक होती है
और हर धड़कन में तुम्हारे नाम की ही दुआ !

क्या छूकर किसी किताब
या पन्ने को, 
या तुम्हारे छोड़े गए ग्लास को
या फिर तुम्हारी किसी तस्वीर को
क्या कम लगेगी मुझे तुम्हारी कमी,
क्या लगेगा जैसे मैंने छुआ हो तुम्हे
और तुमने भी बालों में मेरे उंगलिया फिराई हो जैसे?

नादान ख्याल है
मगर सच में सोचती हूँ ऐसा
काश किसी याद को सिरहाने रख कर सो जाऊं 
और पा जाऊं तुम्हे तब 
जब तुम्हारी कमी पूरी दुनिया
की लम्बाई, चौडाई, गहराई
से भी ज्यादा लगने लगे मुझे !

क्या यह मुमकिन है ?

[IMG_3463.JPG]




-शैफाली  गुप्ता 
http://guptashaifali.blogspot.com



16 comments:

  1. नादान ख्याल है
    मगर सच में सोचती हूँ ऐसा
    काश किसी याद को सिरहाने रख कर सो जाऊं
    और पा जाऊं तुम्हे तब
    जब तुम्हारी कमी पूरी दुनिया
    की लम्बाई, चौडाई, गहराई
    से भी ज्यादा लगने लगे मुझे !
    बहुत बढि़या।

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  2. बेहद खूबसूरत ख्याल्।

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  3. बहुत सुन्दर ख्याल ......

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  4. खूबसूरत भाव खूबसूरत ख्याल...

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  5. बहुत ही उम्दा भाव हैं इस कविता के, धन्यवाद !

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  6. bahut badiya rachna...
    prastuti hetu dhanyavad!

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  7. आपकी पोस्ट कल 5/4/2012 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    http://charchamanch.blogspot.com
    चर्चा - 840:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

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  8. सुंदर रचना ...
    शुभकामनायें ...

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  9. नादान ख्याल है
    मगर सच में सोचती हूँ ऐसा
    काश किसी याद को सिरहाने रख कर सो जाऊं
    और पा जाऊं तुम्हे तब
    जब तुम्हारी कमी पूरी दुनिया
    की लम्बाई, चौडाई, गहराई
    से भी ज्यादा लगने लगे मुझे !
    खूबसूरत भावसे युक्त अति सुन्दर रचना

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  10. बहुत बढि़या लिका हें ।

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  11. खूबसूरत और सुन्दर रचना

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  12. नादान ख्याल है
    ख्याल कब नादाँ हुए हैं भला
    बहुत खूब

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  13. कवितायें तो बहुत पढने को मिलती हैं पर कम ही ऐसा होता है की पढने के बाद मैं वाकशून्य हो जाऊं| बहुत देर तक सोचता रहा मैं |आप ऐसे ही लिखती रहें |

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  14. दिल से लिखी दिल को छूती रचना ! सचमुच कहने को शब्द नही बचे ..............शुक्रिया

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