मौन के तरकश में
मर्यादाओं के बाण
अधिक असरदार होते हैं
एक अलग पहचान रखते हैं ....


रश्मि प्रभा







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मौन ....स्वयं एक जवाब !



चपल रसना के लिए नहीं है
कत्तई मुश्किल नहीं है
धृष्ट से धृष्टतम
सवालों का जवाब
देना इस तरह कि
निर्लज्जता भी
लज्जा से
पानी- पानी हो जाए ...

मगर
मर्यादा
विश्वास
चुन लेते हैं
कई बार
मौन
और बन जाते हैं
स्वयं एक जवाब

उनके लिए
जो जानते हैं
किसी को
हराने के जूनून
हर हाल में
बेहतर है
जीतने की सनक ....

वाणी शर्मा

24 comments:

  1. एक सच बयां करती बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ... प्रस्‍तुति के लिये आभार ।

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  2. बहुत अच्छे शब्दों में भावाभिव्यक्ति.

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  3. मौन से बड़ी कोई अन्य अभिव्यक्ति नहीं... खूबसूरत रचना

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  4. मौन ...बहुत कुछ दे जाता है ...!!
    आप पाते ही हैं ..खोने का डर नहीं रहता ...!!

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  5. मौन के तरकश में
    मर्यादाओं के बाण

    अधिक असरदार होते हैं
    एक अलग पहचान रखते हैं ....

    bahut badhiya,,,

    मगर
    मर्यादा
    विश्वास
    चुन लेते हैं
    कई बार
    मौन
    और बन जाते हैं
    स्वयं एक जवाब

    aur kabhi kabhi maun insan ko khatam kar dete hai khud ke hi khayalo se... par bahut achchi bat kahi aapne...

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  6. bde asardaar hote hain maun ke teer.hrdm chpl chpla see rhne wali main jb maun ho jaati hun.sb vichlit ho jaate hain.mera dukh,tanaav,narajgi shbdon se bayaan nhi krti main.maun ho jaati hun.isliye janti hun tumhari kvita ki gahrai ko.
    antim pankti adhuri adhuri see lg rhi hai
    उनके लिए
    जो जानते हैं
    किसी को
    हराने के जूनून
    हर हाल में
    बेहतर है
    जीतने की सनक ..shayad ek shbd ya ek aakshr maatr chhoot rha hai kahin.dekhen ek baar.ek avarodh saa paida ho rha hai ise pdhte hue..
    @rashmiprabhaji
    shayad yaad ho maine bahut pahle aapko ek kvita bheji thi.aapke....matr aapke liye aur shirshk diya tha 'VAT-VRIKSH' kahin inbox me pdi ho to chhaap do.

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  7. शायद इसीलिये ये कहावत बनी है एक चुप सौ को हराती है…………बेहद उत्तम अभिव्यक्ति।

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  8. @ इंदु पूरी जी ,
    यह लिखने का मतलब सिर्फ इतना है की जीतने के लिए जरुरी नहीं की किसी को हराया ही जाए .. जैसे किसी बड़ी लकीर को छोटा करने के लिए हर बार उसे काटना जरुरी नहीं , उससे बड़ी एक और लकीर उसे छोटा कर देती है ...
    क्या ये ठीक है ...??
    आभार !

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  9. यह रचना पहले भी ब्लॉग पर पढ़ी है..दुबारा यहाँ पढना अच्छा लगा.. बहुत ही ख़ूबसूरत रचना..

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  10. सुन्दर अभिव्यक्ति!

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  11. सब से पहले तो आपको बधाई हिन्दोस्तान मे वट वृक्ष की चर्चा के लिये फिर वाणी जी को सुन्दर रचना के लिये।

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  12. सच मौन भी मुखर होता है .....
    बहुत बढ़िया प्रस्तुति के लिए आभार

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  13. मौन भी तो एक लड़ाई है खुद से.

    बहुत सुन्दर रचना.

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  14. अच्छी कविता के लिए बधाई स्वीकार करें

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  15. आन्तरिक भावों के सहज प्रवाहमय सुन्दर रचना....

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  16. मौन के तरकश में
    मर्यादाओं के बाण
    अधिक असरदार होते हैं
    एक अलग पहचान रखते हैं ....
    adbhud.....ekdam alag sa.

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  17. vanijee ki kavita bahut achchi hai.

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  18. मौन होने का मतलब ..सिर्फ चुप हो जाना नहीं है
    मौन का मतलब है कि बेकार की बहस से छुटकारा
    जो रिश्तो में खटास भर सकती है ...अपनों को अपनों से दूर कर सकती है
    मौन की अभिव्यक्ति से ऊपर कुछ नहीं ...वक़्त की करवट खुदबखुद हर मौन का
    जवाब बन जाती है ......बहुत ही अच्छी प्रस्तुति ...बधाई स्वीकार करे

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  19. जो बात शब्द और ध्वनि नहीं कर पाते शायद मौन प्रभावी ढंग से कह जाता है

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  20. बहुत अच्छे शब्दों में भावाभिव्यक्ति|धन्यवाद|

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  21. बहुत सुन्दर और सार्थक लेखन

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  22. bhut hi bhaavabhivakti rachna....

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